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अखंड दीया नवरात्रि में: विधि, नियम, महत्व और कीमत — पूरी जानकारी

अखंड दीया नवरात्रि में: विधि, नियम, महत्व और कीमत — पूरी जानकारी

अखंड दीया नवरात्रि में: विधि, नियम, महत्व और कीमत — पूरी जानकारी

नवरात्रि के नौ दिनों में माँ दुर्गा की आराधना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है अखंड ज्योत — वह दीपक जो घटस्थापना से लेकर विजयादशमी तक लगातार जलता रहता है। "अखंड" शब्द का अर्थ ही है जो टूटे नहीं, बुझे नहीं। यह ज्योत घर में सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और माँ की कृपा का प्रतीक मानी जाती है। इस लेख में हम बताएंगे कि अखंड दीया कैसे जलाएं, इसके नियम क्या हैं, इसका महत्व क्यों है, और शुद्ध पीतल के अखंड दीये की कीमत किन बातों पर निर्भर करती है।

अखंड दीया का महत्व

आयुर्वेद और वास्तु शास्त्र के अनुसार पीतल को शुभ धातु माना गया है। इन धातुओं में सकारात्मक ऊर्जा को संचित रखने का गुण होता है, इसलिए पूजा-पाठ में इनका प्रयोग सदियों से होता आया है। अखंड ज्योत को देवी दुर्गा की निरंतर उपस्थिति का प्रतीक माना जाता है — जब तक यह ज्योत जलती रहती है, माना जाता है कि माँ का आशीर्वाद घर में बना रहता है। पीतल के दीये में जलने वाली लौ स्थिर रहती है और धातु की मजबूती के कारण यह नौ दिन लगातार जलने के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है।

नवरात्रि में अखंड दीपक कैसे जलाएं?

oil lamp with glass cover

  1. स्थान का चुनाव — अखंड दीया कलश और देवी की प्रतिमा के पास, पूजा स्थान के उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में रखें।

  2. दीये की तैयारी — शुद्ध पीतल का दीया लें, उसे गंगाजल से शुद्ध करें।

  3. तेल या घी — घी की ज्योत को सात्विक माना जाता है, जबकि तिल के तेल की ज्योत भी प्रचलित है। दीये में पर्याप्त मात्रा में घी या तेल भरें ताकि नौ दिन तक बीच में तेल कम न पड़े।

  4. बाती — रुई या मौली की मोटी बाती का प्रयोग करें, जिससे ज्योत स्थिर और लंबे समय तक जलती रहे।

  5. दीया प्रज्वलन — घटस्थापना के दिन शुभ मुहूर्त में दीया जलाएं और संकल्प लें कि यह नौ दिन तक बुझने न पाए।

  6. निगरानी — घर में कोई-न-कोई सदस्य समय-समय पर दीये की जांच करता रहे, तेल-घी समय पर डालते रहें।

अखंड दीया जलाने के क्या नियम हैं?

brass diya

  • अखंड ज्योत जलाने के बाद घर को कभी खाली न छोड़ें; यदि बाहर जाना जरूरी हो तो परिवार का कोई सदस्य घर में जरूर रहे।

  • दीये की लौ को बुझने न दें — बीच-बीच में तेल या घी डालते रहें ताकि यह अखंड बनी रहे।

  • मांस, मदिरा और तामसिक भोजन से दूर रहें; पूजा स्थान की पवित्रता बनाए रखें।

  • अखंड दीये को हवा या पंखे की सीधी हवा से बचाएं, आवश्यकता हो तो शीशे का कवर इस्तेमाल करें।

  • यदि परिवार में किसी कारणवश दीया बुझ जाए तो घबराने के बजाय शांत मन से पुनः विधिपूर्वक प्रज्वलित करें और माँ से क्षमा-प्रार्थना करें।

  • दीये के नीचे अक्षत (चावल) रखना शुभ माना जाता है।

अखंड दीया की कीमत क्या है?

brass diya

अखंड दीये की कीमत कई बातों पर निर्भर करती है — धातु (पीतल, तांबा या पंचधातु), आकार, वजन और हस्तशिल्प की बारीकी। हाथ से गढ़े हुए (हस्तनिर्मित) पीतल के अखंड दीये सामान्यतः मशीन-निर्मित दीयों से थोड़े महंगे होते हैं, क्योंकि इनमें कारीगरों की मेहनत और पारंपरिक डिज़ाइन शामिल होता है। बड़े आकार और भारी वजन के दीये की कीमत स्वाभाविक रूप से अधिक होती है, जबकि छोटे और हल्के दीये किफायती दामों में उपलब्ध होते हैं। सटीक और मौजूदा कीमत जानने के लिए हमेशा विश्वसनीय विक्रेता की वेबसाइट या स्टोर से जांच करना सबसे बेहतर तरीका है, क्योंकि धातु के बाज़ार भाव के अनुसार दाम बदलते रहते हैं।

Indian Art Villa पर आपको शुद्ध पीतल से हाथ से बने अखंड दीये अलग-अलग आकार और डिज़ाइन में मिलते हैं — पारंपरिक नक्काशीदार डिज़ाइन से लेकर सामान्य रोज़मर्रा के उपयोग वाले दीये तक। हर दीया कारीगरों द्वारा हाथ से तैयार किया जाता है, जिससे यह न केवल पूजा के लिए बल्कि घर की शोभा बढ़ाने के लिए भी उपयुक्त होता है। मौजूदा कीमतें indian art villa पर देखी जा सकती हैं।

नवरात्रि पूजा के लिए अन्य आवश्यक सामग्री

अखंड दीये के साथ-साथ नवरात्रि पूजा में कलश, थाली सेट, घंटी, कुमकुम पात्र और उर्ली जैसी वस्तुएं भी आवश्यक होती हैं। पीतल से बनी ये पारंपरिक वस्तुएं न केवल पूजा को संपूर्ण बनाती हैं बल्कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलने वाली विरासत भी बन जाती हैं।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. नवरात्रि में अखंड दीपक कैसे जलाएं?
A. घटस्थापना के दिन शुद्ध पीतल के दीये में घी या तिल का तेल भरकर, मोटी बाती लगाकर शुभ मुहूर्त में दीया जलाएं। इसे कलश और देवी प्रतिमा के पास रखें और नौ दिनों तक निरंतर जलते रहने दें, समय-समय पर तेल-घी डालते रहें।

Q. अखंड दीया जलाने के क्या नियम हैं?
A. दीये की लौ को बुझने न दें, घर को खाली न छोड़ें, तामसिक भोजन से परहेज करें, और पूजा स्थान की पवित्रता बनाए रखें। यदि दीया बुझ जाए तो शांत मन से पुनः प्रज्वलित करें।

Q. अखंड दीया की कीमत क्या है?
A. कीमत धातु (पीतल, तांबा या पंचधातु), आकार, वजन और हस्तशिल्प पर निर्भर करती है। हाथ से बने पीतल के दीये सामान्यतः मशीन-निर्मित दीयों से थोड़े महंगे होते हैं। सटीक व मौजूदा दाम के लिए indian art villa पर देखें।

Q. अखंड दीया का क्या महत्व है?
A. अखंड ज्योत माँ दुर्गा की निरंतर उपस्थिति और आशीर्वाद का प्रतीक मानी जाती है। पीतल और तांबे को शुभ धातु माना गया है जो सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में सहायक होते हैं, इसलिए यह पूजा में विशेष महत्व रखता है।

 

Author: Virendra Taluka

Virendra Taluka is the founder of Indian Art Villa, a company that specializes in copperware, brassware & bronzeware kitchenware, home decor and spiritual items. With over 18 years' experience in the industry, Virendra has dedicated his career to preserving the rich cultural heritage of India through his work. With a team of skilled artisans, he started producing high-quality brass utensils, copper utensils, and other household items that quickly gained popularity across the country.

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